न्यूजीलैंड का दुर्लभ, उड़ानहीन और रात्रिचर तोता ‘काकापो’ (वैज्ञानिक नाम: Strigops habroptilus) अब वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक सफलता बन गया है। 1 सितंबर 2026 तक इस दुनिया के सबसे भारी तोते की कुल आबादी बढ़कर 325 हो गई है, क्योंकि इस साल 90 स्वस्थ चूजों को सफलतापूर्वक आबादी में जोड़ा गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 31 अगस्त 2026 तक इसकी संख्या लगभग 75 वर्षों में पहली बार 300 के पार पहुंची थी।
वर्ष 1995 में जब न्यूजीलैंड के संरक्षण विभाग ने ‘काकापो रिकवरी प्रोग्राम’ शुरू किया था, तब इनकी संख्या घटकर मात्र 51 रह गई थी, जिसमें केवल 20 मादाएं थीं। तब से लेकर अब तक गहन निगरानी, शिकारी नियंत्रण, और नियंत्रित प्रजनन जैसी रणनीतियों के जरिए इस प्रजाति को विलुप्त होने की कगार से बचाया गया है।
2026 के प्रजनन सीजन में देशी रिमू पेड़ों के प्रचुर फलन (मास्टिंग) और कोडफिश आइलैंड जैसे शिकारी-मुक्त द्वीपों पर भोजन की प्रचुरता ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान 258 अंडे दिए गए, जिससे 106 चूजे निकले और 150 दिन की आयु तक 90 चूजे जीवित रहने में सफल रहे। कम-हस्तक्षेप वाले नए तरीकों के परीक्षण से यह साबित होता है कि सही संरक्षण रणनीतियों से गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों को भी नया जीवन दिया जा सकता है।


