जापान की JCR ने बढ़ाई भारत की क्रेडिट रेटिंग, BBB+ से A- हुई

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर एक और सकारात्मक खबर सामने आई है। जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (JCR) ने भारत की दीर्घकालिक विदेशी और घरेलू मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है। 2 सितंबर 2026 को जारी समीक्षा में JCR ने भारत की कंट्री सीलिंग भी A कर दी है और रेटिंग आउटलुक को स्थिर रखा है।

JCR के मुताबिक, यह सुधार भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, लगातार हो रहे संरचनात्मक सुधारों और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। किसी देश की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग उसकी सरकार की कर्ज चुकाने की क्षमता और आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है।

रेटिंग बढ़ाने के प्रमुख कारणों में भारत की तेज आर्थिक वृद्धि शामिल है। वित्त वर्ष 2026 में देश की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जिसमें निजी खपत और सरकारी निवेश ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। JCR का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6 प्रतिशत से अधिक रह सकती है।

इसके अलावा, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार भी भारत के पक्ष में गया है। बैंकों का सकल NPA अनुपात 2 प्रतिशत से नीचे आना वित्तीय क्षेत्र की बेहतर स्थिति का संकेत माना गया है। वहीं, GST और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे सुधारों ने कर संग्रह, पारदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने में मदद की है।

हालांकि, JCR ने भारत के सामने मौजूद उच्च सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटे जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित किया है। इसके बावजूद, रेटिंग में यह सुधार वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारत की साख मजबूत होने और विदेशी निवेशकों के भरोसे में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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