इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित माउंट अनक क्राकाटाऊ में 6 सितंबर 2026 की तड़के एक बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ। इसके कारण फैला राख का गुबार लगभग 50,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया, जिससे जकार्ता और आसपास के इलाकों में हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सोएकरनो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय और हलिम पेरदानाकुसुमा समेत कई हवाई अड्डों पर उड़ानों को रोकना या सीमित करना पड़ा।
ज्वालामुखीय राख में सूक्ष्म चट्टानी और कांच जैसे कण होते हैं, जो विमान के इंजन, विंडशील्ड और सेंसर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय और एयरनाव इंडोनेशिया ने उड़ानों का संचालन स्थगित किया। सिंगापुर एयरलाइंस, मलेशिया एयरलाइंस, गरुड़ इंडोनेशिया और कांतास जैसी प्रमुख विमानन कंपनियों को अपनी उड़ानें रद्द या उनके मार्ग बदलने पड़े। रिपोर्ट के अनुसार, इससे सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं।
अनक क्राकाटाऊ, प्रसिद्ध 1883 के क्राकाटाऊ विस्फोट वाले क्षेत्र का ही सक्रिय शंकु है। चूंकि इंडोनेशिया प्रशांत ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है, इसलिए यहां भूकंपीय हलचल आम है। गनीमत यह रही कि इस आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन ने लोगों को सक्रिय क्रेटर से कम से कम 3 किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी दी है।


