आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम एवं ‘समर्थ पंचायत पोर्टल’ का शुभारंभ

ग्रामीण विकास और पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने ‘आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम’ तथा ‘समर्थ पंचायत पोर्टल’ का शुभारंभ किया है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इन पहलों की शुरुआत की। इनका उद्देश्य ग्राम एवं ब्लॉक पंचायतों को सरकारी अनुदान पर निर्भरता कम करते हुए स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायतें अपने क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों की पहचान कर आय सृजन से जुड़ी परियोजनाएं विकसित करेंगी। इन परियोजनाओं को तकनीकी सहायता पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाएगी, जबकि वित्तपोषण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण तथा बैंक ऋण के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने अगले चार वर्षों में 350 राजस्व सृजन परियोजनाएं विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वहीं, समर्थ पंचायत पोर्टल पंचायतों के कर एवं गैर-कर राजस्व के डिजिटलीकरण के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से करदाता पंजीकरण, कर निर्धारण, ऑनलाइन भुगतान, राजस्व संग्रह और उसकी निगरानी जैसी सभी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। इससे पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।

यह पहल डिजिटल गवर्नेंस, स्थानीय स्वशासन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी। साथ ही, पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ने से ग्रामीण विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी नई गति मिलेगी।

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