प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के मैसूरु में नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेका स्मारक) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने माता चामुंडेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि मैसूरु भारत की सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां की विरासत, परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर देश को प्रेरित करती हैं।
प्रधानमंत्री ने रामकृष्ण मिशन और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को अपने जीवन का महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि विवेका स्मारक युवाओं में राष्ट्रसेवा, चरित्र निर्माण और आध्यात्मिक मूल्यों को विकसित करने का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति माना था और आज भारत के युवा दुनिया में नवाचार, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीप टेक और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में 650 से अधिक नए विश्वविद्यालय, 14,000 नए कॉलेज, आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों का विस्तार तथा एमबीबीएस सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल, अटल टिंकरिंग लैब और खेलो इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें नवाचार, वैज्ञानिक सोच और कौशल विकास भी शामिल होना चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और कन्नड़ साहित्य सहित भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विवेका स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा।


