ऑपरेशन ‘वज्र’ के तहत बिहार में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत बिहार के गया और पटना के मसौढ़ी में नकली एवं अवैध दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान आठ अवैध गोदामों और एक गैर-कानूनी दवा निर्माण इकाई को सील कर भारी मात्रा में नशीली और नकली दवाएं जब्त की गईं। यह कार्रवाई वर्ष 2025 में दर्ज एक मामले की जांच के क्रम में की गई।

गया में चार गोदामों से 68,200 ट्रामाडोल टैबलेट, 59,000 अन्य टैबलेट तथा 52,542 बोतल कोडीन सिरप बरामद किए गए। 22 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर सीबीएन ने दो अन्य अवैध गोदामों से 21,373 ब्यूप्रेनोर्फिन इंजेक्शन एम्प्यूल और बड़ी मात्रा में क्लैवम-625, पैन-40, एजिथ्रल तथा अन्य नकली दवाएं जब्त कीं।

स्थानीय पुलिस और बिहार राज्य औषधि प्रशासन के सहयोग से छह और गोदामों पर छापेमारी की गई, जहां से 4.39 लाख से अधिक टैबलेट-कैप्सूल, 1,895 इंजेक्शन, 3,811 सिरप और हजारों अन्य दवा उत्पाद बरामद हुए।

पूछताछ में पटना के मसौढ़ी स्थित एक फार्महाउस में अवैध दवा निर्माण इकाई का खुलासा हुआ। संयुक्त कार्रवाई में मशीनरी, रसायन और उपकरण जब्त कर इकाई को बंद कर दिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी नकद भुगतान, फर्जी पहचान पत्र और बिना किरायानामा वाले गोदामों का उपयोग कर कानून से बचते थे। सीबीएन ने इस वर्ष अब तक 90 मामले दर्ज कर 121 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन अवैध लैब का भंडाफोड़ किया है।

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