राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 3 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में उज्बेकिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री सईदोव बख्तियार ओदिलोविच और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को भारत-उज्बेकिस्तान मित्रता की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन व्यापारिक मार्गों, साझा वास्तुकला, भाषा, खान-पान, संगीत और धार्मिक परंपराओं ने दोनों देशों के रिश्तों को समय के साथ और सुदृढ़ बनाया है।
राष्ट्रपति ने भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच के आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच बढ़ते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने खनन, विशेष रूप से दुर्लभ मृदा खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स), कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर बल दिया।
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान के 3,000 से अधिक अधिकारियों, पेशेवरों और विद्यार्थियों ने भारत के आईटीईसी प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का लाभ उठाया है। वहीं, 16,000 से अधिक भारतीय छात्र उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये छात्र दोनों देशों के बीच जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता, आपसी विश्वास तथा आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।


