हरेला केवल पर्व नहीं, प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का जनआंदोलन हैः धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित लोक संवर्धन पर्व के अंतर्गत हरेला उत्सव में भाग लेकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरेला केवल हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ने वाला महापर्व है और यह राज्य की साझा सांस्कृतिक विरासत का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि लोक संवर्धन पर्व राज्य की लोक संस्कृति, लोक कलाओं और पारंपरिक विरासत को नई पहचान देने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के योगदान की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष हरेला पर्व पर 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत उत्तराखंड में 2 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें अब तक 1.15 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि लोक संवर्धन पर्व स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहन देने का महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी करने और उत्तराखंड की लोक कला, संस्कृति तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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