भारत में डेंगू की रोकथाम के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। 20 जुलाई 2026 को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने QDENGA (TAK-003) को बाजार में उपयोग की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह भारत की पहली स्वीकृत डेंगू वैक्सीन बन गई है। यह टीका 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए अनुमोदित है और डेंगू संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डेंगू एक मच्छरजनित वायरल बीमारी है, जो Aedes aegypti मच्छर के काटने से फैलती है। यह वायरस के चार प्रमुख प्रकार—DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4—के कारण होता है। QDENGA एक लाइव-अटेन्यूएटेड टेट्रावैलेंट वैक्सीन है, जिसे चारों प्रकार के डेंगू वायरस से सुरक्षा प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। इसकी खास बात यह है कि इसे उन लोगों को भी लगाया जा सकता है जिन्हें पहले कभी डेंगू नहीं हुआ और उन्हें भी जिन्हें पहले संक्रमण हो चुका है।
इस वैक्सीन का विकास जापान की Takeda Biopharmaceuticals ने किया है, जबकि भारत में इसका निर्माण Biological E करेगी। वर्तमान में इसे 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है। भारत में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह वैक्सीन मच्छर नियंत्रण, स्वच्छता और समय पर जांच जैसे मौजूदा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


