आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने ‘ई-आई’ (E-Eye) नाम से एक कम लागत वाला पोर्टेबल ऑप्टिकल सेंसिंग डिवाइस विकसित किया है, जो पानी और जैविक नमूनों में विषैले तत्वों व कैंसर-कारक भारी धातुओं की तेजी से पहचान कर सकता है। बीयर-लैम्बर्ट नियम पर आधारित यह उपकरण नमूने के रंग की तीव्रता को डिजिटल आंकड़ों में बदलकर मौके पर ही त्वरित और वायरलेस परिणाम देता है।
इस डिवाइस की अनुमानित लागत लगभग 3,500 रुपये और प्रति परीक्षण खर्च मात्र 2 रुपये है। प्रयोगशाला स्तर पर 2,700 से अधिक नमूनों पर परखे गए इस उपकरण से आर्सेनिक, लेड, आयरन, क्रोमियम, फ्लोराइड और ई. कोलाई (Escherichia coli) जैसे संदूषकों की सटीक पहचान की जा सकती है। दूर-दराज के क्षेत्रों और जल गुणवत्ता निगरानी के लिए यह बेहद उपयोगी है।
प्रो. तपस के. मंडल और प्रो. हर्षल बी. नेमाडे के नेतृत्व में हुए इस शोध को IEEE Sensors Journal में प्रकाशित किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित इस तकनीक के व्यावसायीकरण के लिए ‘ENVIONIX Labs Pvt Ltd’ की स्थापना भी की गई है।


