सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) संचार प्रणाली को नए वाहनों में अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का मसौदा जारी किया है।
V2V तकनीक के जरिए वाहन वायरलेस माध्यम से एक-दूसरे के साथ वास्तविक समय में जरूरी जानकारी साझा कर सकेंगे। इसमें वाहन की गति, स्थिति, दिशा और ब्रेक लगाने जैसी सूचनाएं शामिल होंगी। इससे किसी वाहन के अचानक ब्रेक लगाने, अंधे मोड़ या चौराहे पर संभावित टक्कर जैसे खतरों की जानकारी दूसरे वाहनों को समय रहते मिल सकेगी और चालक सावधानी बरत सकेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था को AIS-230 मानक के तहत दो चरणों में लागू करने की योजना है। 1 अक्टूबर 2027 से श्रेणी L, M और N के चुनिंदा नए वाहनों में V2V प्रणाली के लिए AIS-230 मानकों का पालन जरूरी होगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2028 से इन श्रेणियों के सभी नए वाहनों में यह प्रणाली अनिवार्य कर दी जाएगी।
V2V संचार के लिए दूरसंचार विभाग ने 5.875–5.925 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड को लाइसेंस-मुक्त कर दिया है। मसौदे पर सरकार ने 30 दिनों तक जनता से सुझाव मांगे हैं।


