असम ने 28 जुलाई 2026 को अपने डेयरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय खेप भूटान भेजी। 5,627 लीटर की इस खेप में पुरबी (Purabi) आइसक्रीम शामिल है, जिसका निर्माण वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स’ कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (WAMUL) द्वारा किया जाता है तथा इसका विपणन नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (NEDFL) के माध्यम से किया जाता है। यह उत्पाद असम के डेयरी किसानों से प्राप्त दूध से तैयार किया जाता है, जिससे ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलता है।
इस निर्यात को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने सुविधा प्रदान की। यह खेप भूटान के प्रमुख शहरों थिम्फू, पारो, फुंटशोलिंग और वांगदू के बाजारों के लिए भेजी गई है। इससे भारत और भूटान के बीच सीमा-पार व्यापार तथा पूर्वोत्तर भारत के कृषि एवं डेयरी उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पुरबी डेयरी प्लांट की आइसक्रीम उत्पादन क्षमता 60,000 लीटर प्रति माह है। इसके विस्तार में विश्व बैंक समर्थित असम एग्रीबिजनेस एंड रूरल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट (APART) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कप, कोन, फैमिली पैक और गैलन पैक सहित विभिन्न पैकेजिंग में भेजी गई यह खेप असम के डेयरी उद्योग की बढ़ती क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक है।


