भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने 9 जुलाई 2026 को कर्नाटक के चामराजनगर जिले के गुंडलूपेट तालुक में थोरियम युक्त खनिज भंडार की महत्वपूर्ण खोज की है। यह भंडार कूथनूर और आसपास के गांवों में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इनमें से करीब 20 एकड़ क्षेत्र को खनन और नीलामी की तैयारी के लिए कोर क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। यह खोज भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और रणनीतिक खनिज संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
थोरियम एक प्राकृतिक रेडियोधर्मी धातु है, जिसका परमाणु क्रमांक 90 तथा रासायनिक प्रतीक Th है। यह एक्टिनाइड समूह का सदस्य है और भविष्य की परमाणु ऊर्जा तकनीकों में संभावित ईंधन के रूप में देखा जाता है। परमाणु रिएक्टरों में इसे यूरेनियम-233 में परिवर्तित कर ऊर्जा उत्पादन किया जा सकता है, जिससे इसे स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
थोरियम का प्रमुख स्रोत मोनाजाइट नामक खनिज है, जो दुर्लभ मृदा तत्वों के साथ तटीय प्लेसर बालू में पाया जाता है। भारत के सबसे बड़े थोरियम भंडार केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में स्थित हैं। भारत विश्व के सबसे समृद्ध थोरियम संसाधन वाले देशों में शामिल है और थोरियम-आधारित परमाणु ईंधन चक्र पर लंबे समय से अनुसंधान कर रहा है।
खनन मंत्रालय के अधीन कार्यरत जीएसआई की यह नई खोज देश की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक खनिज संसाधनों और भविष्य की परमाणु तकनीकों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


