ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026: नई दिल्ली को 120वां स्थान, कोपेनहेगन लगातार दूसरे वर्ष शीर्ष पर

इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) द्वारा 8 जुलाई 2026 को जारी ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 में भारत की राजधानी नई दिल्ली को दुनिया के 173 शहरों में 120वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस वर्ष नई दिल्ली का कुल स्कोर 48.1 रहा। यह सूचकांक विश्व के प्रमुख शहरों में रहने की गुणवत्ता का आकलन करता है और विभिन्न सामाजिक, आर्थिक तथा बुनियादी मानकों के आधार पर उनकी रैंकिंग निर्धारित करता है। वर्ष 2026 में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन लगातार दूसरे वर्ष दुनिया का सबसे रहने योग्य शहर घोषित हुई।

ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स में शहरों का मूल्यांकन 30 संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिन्हें पांच प्रमुख श्रेणियों—स्थिरता, स्वास्थ्य सेवाएं, संस्कृति एवं पर्यावरण, शिक्षा तथा अवसंरचना—में विभाजित किया गया है। इन सभी मानकों के संयुक्त प्रदर्शन से किसी शहर की समग्र जीवन गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।

नई दिल्ली ने शिक्षा के क्षेत्र में 66.7 अंक प्राप्त किए, जो उसका सबसे मजबूत पक्ष रहा। अवसंरचना में 58.9 अंक, स्वास्थ्य सेवाओं में 41.7 अंक तथा संस्कृति एवं पर्यावरण श्रेणी में 35.4 अंक मिले। इन सभी श्रेणियों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर राजधानी को कुल 48.1 अंक के साथ 120वां स्थान मिला।

भारतीय शहरों में नई दिल्ली सबसे आगे रही। इसके बाद मुंबई को 121वां, चेन्नई को 123वां और बेंगलुरु को 127वां स्थान मिला। विशेषज्ञों के अनुसार शिक्षा और आर्थिक अवसरों में सुधार के बावजूद वायु प्रदूषण, यातायात जाम, आवास संबंधी समस्याएं और बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर बढ़ते दबाव भारतीय शहरों की रैंकिंग को प्रभावित कर रहे हैं। यह रिपोर्ट सरकारों, निवेशकों और शहरी योजनाकारों के लिए शहरों के विकास और जीवन गुणवत्ता सुधारने की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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