नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई 2026 को अपने पहले अंतरिक्ष मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना होंगे। उनका प्रक्षेपण कजाखस्तान स्थित बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान द्वारा किया जाएगा। इस मिशन में उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकीना भी शामिल होंगे। मेनन एक्सपेडिशन-74 मिशन के तहत लगभग आठ महीने तक आईएसएस पर रहेंगे और अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटेंगे।
आईएसएस पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर स्थित एक विशाल अंतरिक्ष प्रयोगशाला है, जहां नवंबर 2000 से लगातार मानव निवास बना हुआ है। यह सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान, नई प्रौद्योगिकियों के परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रमुख केंद्र है।
अपने मिशन के दौरान अनिल मेनन माइक्रोग्रैविटी का मानव शरीर पर प्रभाव, नसों की संरचना, रक्त प्रवाह और रक्त की संरचना में होने वाले बदलावों का अध्ययन करेंगे। वे आईएसएस की पेयजल प्रणाली से आईवी द्रव तैयार करने की तकनीक का परीक्षण तथा अंतरिक्ष में सेमीकंडक्टर क्रिस्टलों के बेहतर उत्पादन से जुड़े प्रयोग भी करेंगे। यह मिशन अंतरिक्ष चिकित्सा, मानव स्वास्थ्य और भविष्य की दीर्घकालिक अंतरिक्ष यात्राओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


