भारत के चाय उद्योग को एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए असम देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ व्यावसायिक स्तर पर माचा (Matcha) चाय का उत्पादन शुरू किया गया है। इसका पहला उत्पादन छोटा तिंगराई टी एस्टेट में हुआ, जबकि पहली खेप की बिक्री गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर के माध्यम से संपन्न हुई। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक प्रीमियम ग्रीन टी बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
माचा जापान की पारंपरिक पाउडर ग्रीन टी है, जिसे छाया में उगाई गई चाय की पत्तियों से तैयार किया जाता है। इसकी पत्तियों को भाप देकर सुखाया जाता है और फिर बारीक पाउडर में पीसा जाता है। सामान्य ग्रीन टी के विपरीत इसमें पूरी पत्ती का सेवन किया जाता है, जिससे इसमें एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व अधिक होते हैं।
माचा उत्पादन के लिए छोटा तिंगराई टी एस्टेट ने जापानी तकनीक पर आधारित आधुनिक स्वचालित इकाई स्थापित की है। पहली खेप की नीलामी का संचालन जे. थॉमस एंड कंपनी ने किया और इसे शियोसन्स टी कंपनी ने खरीदा। यह पहल असम के चाय उद्योग को उच्च मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


