मध्यप्रदेश में जल संवर्धन और सतत पर्यावरण प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत मैपकास्ट द्वारा वैज्ञानिक भूजल एटलस “अंतर्जली” तैयार किया गया है। यह एटलस उपग्रह छायाचित्रों, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीकों के आधार पर विकसित किया गया है। फिलहाल भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जिलों के भूजल एटलस तैयार कर संबंधित विभागों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केन्द्र (एनआरएससी)-इसरो, हैदराबाद के तकनीकी मार्गदर्शन में तैयार इस एटलस में भूजल संभावना और जल गुणवत्ता से जुड़े विस्तृत मानचित्र शामिल हैं। इसके माध्यम से फ्लोराइड, नाइट्रेट, रासायनिक प्रदूषण और भारी धातुओं की मौजूदगी का क्षेत्रवार विश्लेषण किया गया है, जिससे जलजनित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और समाधान में मदद मिलेगी।
यह एटलस जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण विकास और कृषि विभागों के लिए नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उपयोगी साबित होगा। साथ ही शोधार्थियों और वैज्ञानिकों के लिए भी यह महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री बनेगा।


