एआई गवर्नेंस पर संयुक्त राष्ट्र का पहला वैश्विक संवाद शुरू

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े वैश्विक अवसरों एवं चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने एआई गवर्नेंस पर अपना पहला सार्वभौमिक वैश्विक संवाद 6-7 जुलाई 2026 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित किया है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह कर रहे हैं। यह मंच एआई गवर्नेंस पर संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अंतर्गत पहला बहु-हितधारक (मल्टी-स्टेकहोल्डर) वैश्विक संवाद माना जा रहा है।

यह पहल संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 तथा ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट के आधार पर शुरू की गई है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास, उपयोग और नियमन से जुड़े मुद्दों पर देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निजी क्षेत्र, वैज्ञानिक समुदाय और नागरिक समाज के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

सम्मेलन में एआई के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव, वैश्विक एआई असमानता को कम करने, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई को बढ़ावा देने तथा मानवाधिकारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन एआई (IISPA) की पहली वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा रही है।

भारत ने डिजिटल नवाचार, सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना और जिम्मेदार एआई के विकास में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इस वैश्विक संवाद में भारत की भागीदारी सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई शासन व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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