हिमाचल प्रदेश में 10वीं राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल आयोजित, आपदा तैयारियों की हुई समीक्षा

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से मंगलवार को राज्यभर में 10वीं मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण 2 जून को ओरिएंटेशन एवं समन्वय कार्यशाला, दूसरा चरण 12 जून को टेबल-टॉप अभ्यास और अंतिम चरण 16 जून को राज्यव्यापी भौतिक सिमुलेशन अभ्यास के रूप में संपन्न हुआ। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बहल और विशेष सचिव (आपदा प्रबंधन) डॉ. पुष्पेंद्र राणा के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सशस्त्र बलों, आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों तथा सामुदायिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और संसाधनों की उपलब्धता जैसी उपलब्धियों की समीक्षा की गई। साथ ही संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने, जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं को नियमित रूप से अद्यतन करने, स्वास्थ्य सेवाओं की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने तथा निकासी एवं राहत प्रबंधन को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

प्राधिकरण ने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल, क्षमता निर्माण और प्रभावी समन्वय किसी भी बड़ी आपदा के दौरान त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

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